सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में सामने आए जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। मामले में पुलिस अधिकारियों के साथ आबकारी विभाग के कई अफसरों पर भी कार्रवाई की गई है। वहीं, आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया, जहां कोर्ट ने आरोपी परिवार की संपत्ति पर तोड़फोड़ की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है।
बंडा थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी सस्पेंड
जहरीली शराब मामले में पुलिस विभाग ने बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र कुशवाहा और गूगरा चौकी प्रभारी पूरनलाल लाडिया को निलंबित किया था। इसके अलावा आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई।
एक वरिष्ठ आबकारी अधिकारी को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अधिकारियों पर हुई इस कार्रवाई के बाद मामले में जिम्मेदारी तय करने और अवैध शराब के नेटवर्क की जांच को लेकर प्रशासन की कार्रवाई तेज हुई है।
कई आरोपियों पर FIR, गिरफ्तारियां भी हुईं
पुलिस जांच में अवैध शराब के निर्माण और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आने के बाद कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की।
9 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, बंडा और विनायका थाना क्षेत्रों में पुलिस कार्रवाई के दौरान अवैध शराब नेटवर्क से जुड़े 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सामने आई रिपोर्टों में गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ने की जानकारी भी दी गई है। वहीं, फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
आरोपी के घर बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट की रोक
मामले में आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाह और उनकी मां राजकुमारी कुशवाह ने प्रशासन की कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया था। परिवार की ओर से संपत्ति पर बुलडोजर कार्रवाई और परिजनों को परेशान किए जाने की बात अदालत के सामने रखी गई।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी परिवार की संपत्ति पर तोड़फोड़ की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि आरोपी के परिवार के सदस्यों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
इससे पहले प्रशासन की ओर से आरोपियों से जुड़ी कुछ संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी थी। मामले से जुड़े कुछ लाइसेंस और अन्य प्रशासनिक अनुमतियों पर भी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
मौतों के आंकड़े को लेकर अलग-अलग जानकारी
सागर जहरीली शराब कांड में मौतों की संख्या को लेकर अलग-अलग समय पर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। शुरुआती सरकारी आंकड़ों और बाद की मीडिया रिपोर्टों में अंतर देखने को मिला है। कुछ बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 30 से अधिक और 36 तक बताए जाने का दावा किया गया है।
ऐसे में मौतों के आंकड़े को प्रकाशित करते समय संबंधित तारीख और स्रोत का ध्यान रखना जरूरी है। मामले की जांच और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई अभी जारी है।
प्रशासन और पुलिस की भूमिका की भी जांच
घटना के बाद अवैध शराब के नेटवर्क के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी कार्रवाई की गई है। पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों के निलंबन के बाद अब जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
वहीं, हाईकोर्ट की ओर से बुलडोजर कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद इस मामले की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
सागर के बंडा क्षेत्र में सामने आए इस मामले में आने वाले दिनों में जांच, गिरफ्तारियों और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े नए अपडेट सामने आ सकते हैं।









