रायपुर, 7 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार-2026’ के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की ओर से शुरू किए गए इस पुरस्कार के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 15 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
चयनित व्यक्ति या संस्था को एक लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ना और रोजगार व आजीविका के अवसरों को मजबूत करना है।
ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों को मिलेगा सम्मान
‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ के जरिए ऐसे व्यक्तियों और संस्थाओं के प्रयासों को पहचान देने की पहल की गई है, जिन्होंने ग्रामीण पर्यटन के विकास के लिए लगातार और प्रभावी कार्य किए हैं। इसके तहत होमस्टे, स्थानीय संस्कृति एवं परंपराओं, प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा समुदाय की भागीदारी वाली पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने वाले कार्यों को महत्व दिया जाएगा।
यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष राज्योत्सव एवं राज्य स्थापना दिवस अलंकरण समारोह के दौरान प्रदान किया जाएगा। किसी व्यक्ति अथवा संस्था को यह सम्मान उसके जीवनकाल में केवल एक बार दिया जाएगा।
छह प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों के आधार पर होगा मूल्यांकन
प्राप्त आवेदनों में ग्रामीण पर्यटन से संबंधित कार्यों का मूल्यांकन छह प्रमुख श्रेणियों के आधार पर किया जाएगा। इनमें शामिल हैं—
- एथनिक टूरिज्म
- ईको टूरिज्म
- धार्मिक पर्यटन
- हेरिटेज टूरिज्म
- एडवेंचर टूरिज्म
- मेडिकल एंड वेलनेस टूरिज्म
मूल्यांकन में ग्रामीण पर्यटन गतिविधियों के विस्तार, होमस्टे को बढ़ावा देने, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर तैयार करने तथा पर्यटकों को उपलब्ध कराए जा रहे विशेष अनुभवों जैसे पहलुओं को देखा जाएगा।
इसके अलावा पर्यटन स्थलों और स्थानीय धरोहरों के संरक्षण, स्थानीय समुदाय की भागीदारी तथा संबंधित क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में हुए बदलाव को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया जाएगा। आवेदक ने अतीत और वर्तमान में ग्रामीण पर्यटन के लिए क्या कार्य किए हैं और उन कार्यों का कितना प्रभाव पड़ा है, इसे भी ध्यान में रखा जाएगा।
व्यक्ति और संस्थाएं कर सकती हैं आवेदन
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में काम करने वाले पात्र व्यक्ति अथवा संस्था इस पुरस्कार के लिए अपनी प्रविष्टि प्रस्तुत कर सकते हैं। चयन के दौरान संबंधित क्षेत्र में किए गए दीर्घकालीन कार्य, उपलब्धियां और निरंतर प्रयास महत्वपूर्ण आधार होंगे।
आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज
आवेदक को निर्धारित प्रारूप में अपना पूरा परिचय, पता और फोटोग्राफ प्रस्तुत करना होगा। आवेदन के साथ छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवास का प्रमाण-पत्र और आधार कार्ड की सत्यापित प्रति भी देनी होगी।
इसके अलावा ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण देना होगा। आवेदक द्वारा प्राप्त अन्य पुरस्कार या सम्मान की जानकारी भी प्रस्तुत की जा सकती है। यदि उपलब्ध हो तो प्रकाशित सामग्री और समाचार पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित खबरों की सत्यापित प्रतियां भी आवेदन के साथ संलग्न की जा सकती हैं।
आवेदक को पुरस्कार स्वीकार करने के संबंध में अपनी लिखित सहमति भी देनी होगी।
छह सदस्यीय जूरी करेगी आवेदनों की जांच
प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण निर्धारित छह सदस्यीय जूरी द्वारा किया जाएगा। जूरी की कार्यवाही गोपनीय रखी जाएगी। चयन से संबंधित निर्णय के विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होगा।
यदि कोई शासकीय सेवक इस पुरस्कार के लिए आवेदन करता है, तो उसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।
15 अक्टूबर तक पहुंचना जरूरी है आवेदन
पुरस्कार के लिए निर्धारित प्रारूप में पूरा आवेदन पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजना होगा। आवेदन इस पते पर भेजा जाना है:
प्रबंध संचालक,
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड,
द्वितीय तल, उद्योग भवन,
रिंग रोड नंबर-1, रायपुर (छत्तीसगढ़)-492001
आवेदन 15 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित पते पर पहुंच जाना अनिवार्य है। अंतिम तारीख के बाद प्राप्त होने वाली प्रविष्टियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में कार्य कर रहे पात्र व्यक्तियों और संस्थाओं से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन भेजने की अपील की है। ‘चेन्दरू’ पुरस्कार के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों की संस्कृति, प्रकृति और परंपराओं को पर्यटन से जोड़ने वाले प्रयासों को राज्य स्तर पर प्रोत्साहन देने का प्रयास किया जा रहा है।









