रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ग्रामीण इलाके में जुआ खेलने की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला खरोरा थाना क्षेत्र के सारागांव के पास जंगल में संचालित जुए के ठिकाने से जुड़ा है। पुलिस ने मौके से नकदी और कई वाहन जब्त किए हैं। इस मामले में सारागांव का पूर्व उप सरपंच बताया जा रहा उमेश साहू कार्रवाई के दौरान मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
जंगल में चल रही गतिविधि पर पुलिस की नजर
मिली जानकारी के अनुसार, जंगल के भीतर जुआ खेले जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद रायपुर ग्रामीण पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, संबंधित स्थान पर रोशनी के लिए इमरजेंसी लाइट का इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने घेराबंदी कर वहां मौजूद लोगों को पकड़ा और जुआ खेलने से संबंधित कार्रवाई की।
नकदी के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 3.50 लाख रुपये नकद बरामद किए। इसके अतिरिक्त एक कार, सात मोटरसाइकिल और एक स्कूटी भी जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार, नकदी और वाहनों सहित जब्त संपत्ति का कुल अनुमानित मूल्य करीब 11.50 लाख रुपये है।
जब्ती की कार्रवाई के बाद पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित स्थान पर जुआ कितने समय से संचालित हो रहा था।
पूर्व उप सरपंच उमेश साहू की तलाश जारी
पुलिस ने उमेश साहू को इस जुआ गतिविधि का कथित मुख्य संचालक बताया है। वह सारागांव का पूर्व उप सरपंच बताया जा रहा है। कार्रवाई के समय उसके मौके पर नहीं मिलने और फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
इस मामले में किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाएगा।
खरोरा थाने में दर्ज किया गया मामला
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ खरोरा थाने में जुआ अधिनियम और संगठित अपराध से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। जांच के दौरान जुए के संचालन से जुड़े अन्य लोगों की संभावित भूमिका और गतिविधि की अवधि के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है।
फिलहाल, इस कार्रवाई में 13 लोगों की गिरफ्तारी, करीब 3.50 लाख रुपये नकद की बरामदगी और लगभग 11.50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, मामले में फरार बताए जा रहे पूर्व उप सरपंच की तलाश जारी है।
नोट: खबर में गिरफ्तारी, जब्ती और फरारी से संबंधित विवरण पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी पर आधारित हैं। आरोपी होने का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है।









