सूरजपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध का एक मामला सामने आया है, जिसमें महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के WhatsApp अकाउंट के जरिए लोगों से पैसे मांगने की जानकारी मिली है। संदेशों में UPI बंद होने की बात कहकर तत्काल आर्थिक मदद मांगी जा रही है। ऑनलाइन भुगतान के लिए QR कोड भी भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। मामले ने डिजिटल माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी को लेकर एक बार फिर सतर्क रहने की जरूरत रेखांकित की है।
UPI बंद होने का हवाला देकर मांगे जा रहे रुपये
सामने आई जानकारी के अनुसार, मंत्री के WhatsApp अकाउंट से जुड़े संदेशों में ₹32,000 की तत्काल जरूरत बताई जा रही है। संदेश में UPI के काम नहीं करने का कारण देकर सामने वाले व्यक्ति से आर्थिक सहायता मांगी जा रही है। इसके साथ भुगतान के लिए QR कोड भी भेजा जा रहा है।
इस तरह के संदेशों में परिचित व्यक्ति के नाम और पहचान का इस्तेमाल करके भरोसा हासिल करने की कोशिश की जा सकती है। ऐसे में किसी भी संदेश को केवल पहचान वाले नंबर से आया हुआ मानकर सही नहीं समझना चाहिए। पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से किसी दूसरे माध्यम से पुष्टि करना जरूरी है।
मंत्री ने लोगों को सतर्क रहने की दी जानकारी
मीडिया में सामने आई जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने आधिकारिक Instagram अकाउंट की स्टोरी के जरिए WhatsApp अकाउंट से जुड़ी समस्या की जानकारी साझा की। उन्होंने लोगों को सावधान रहने और उनके नंबर से पैसे मांगे जाने की स्थिति में बिना पुष्टि कोई भुगतान नहीं करने की अपील की।
मंत्री के नाम से संदेश मिलने पर लोगों को उसकी सत्यता जांचनी चाहिए। जल्दबाजी में आर्थिक लेन-देन करने से बचना चाहिए और किसी संदिग्ध लिंक को खोलने से भी परहेज करना चाहिए।
सूरजपुर में कार्यक्रम के दौरान सामने आया मामला
प्राप्त मीडिया जानकारी के अनुसार, घटना के समय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सूरजपुर में आयोजित सड़क सुरक्षा कार्यक्रम के तहत बाइक रैली से जुड़े कार्यक्रम में व्यस्त थीं। इसी दौरान उनके WhatsApp अकाउंट के माध्यम से संपर्कों से पैसे मांगे जाने की बात सामने आई।
मंत्री के नाम और पहचान का इस्तेमाल करके भेजे गए संदेशों की जानकारी सामने आने के बाद मामले को लेकर सतर्कता बढ़ गई। हालांकि, अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच किस तरह बनाई गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसकी विस्तृत जानकारी जांच से ही स्पष्ट हो सकेगी।
साइबर सेल कर रही मामले की जांच
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में WhatsApp अकाउंट के कथित दुरुपयोग और संदेश भेजकर रकम मांगने से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान या उनकी गिरफ्तारी के संबंध में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
WhatsApp पर पैसों की मांग हो तो इन बातों का रखें ध्यान
साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए किसी परिचित, अधिकारी या जनप्रतिनिधि के नाम से आए आर्थिक सहायता के संदेश पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। खासकर जब संदेश में जल्द पैसे भेजने का दबाव बनाया जाए या QR कोड के माध्यम से भुगतान करने के लिए कहा जाए, तब अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
- पहचान की पुष्टि करें: पैसे मांगने वाले व्यक्ति को फोन करके या किसी अन्य विश्वसनीय माध्यम से संपर्क करके जानकारी जांचें।
- बिना पुष्टि भुगतान न करें: केवल WhatsApp संदेश के आधार पर रकम ट्रांसफर करने से बचें।
- संदिग्ध लिंक से दूर रहें: अनजान लिंक न खोलें और अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
- QR कोड जांचे बिना भुगतान न करें: भुगतान से पहले प्राप्तकर्ता का नाम और रकम ध्यान से जांचें।
- ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें: यदि पैसे ट्रांसफर हो गए हैं, तो तुरंत अपने बैंक और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 से संपर्क करें। ऑनलाइन शिकायत के लिए भारत सरकार के साइबर अपराध पोर्टल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के WhatsApp अकाउंट से जुड़ा यह मामला लोगों के लिए सतर्कता का संकेत है। किसी भी परिचित के नाम से पैसे मांगने वाला संदेश मिलने पर पहले उसकी पुष्टि करें और जांच किए बिना कोई आर्थिक लेन-देन न करें।









