बुंदेलखंड। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा’ अपने तीसरे दिन दमोह से सागर की ओर बढ़ रही है। पांच दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के जरिए हिंदू समाज को एकजुट करने और जातिगत भेदभाव समाप्त करने का संदेश दिया जा रहा है। यात्रा का निर्धारित मार्ग बुंदेलखंड के अलग-अलग जिलों से होकर गुजर रहा है।
11 अक्टूबर को बागेश्वर धाम से हुआ था शुभारंभ
यह रथ यात्रा 11 अक्टूबर 2026 को छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यात्रा को पांच दिनों में लगभग 500 किलोमीटर की दूरी तय करनी है। इसका प्रमुख उद्देश्य हिंदुओं के बीच एकता की भावना को मजबूत करना और समाज में जातिवाद को खत्म करने का संदेश देना है।
दूसरे दिन पन्ना और हटा से होते हुए दमोह पहुंचा रथ
यात्रा के दूसरे दिन रथ पन्ना और हटा होते हुए दमोह पहुंचा था। इसके बाद तीसरे दिन का कार्यक्रम दमोह से सागर की ओर आगे बढ़ने का है। यात्रा का यह चरण बुंदेलखंड में जनसंपर्क और सामाजिक एकता के संदेश को आगे ले जाने से जुड़ा है।
बालाजी मंदिर परिसर में दिव्य दरबार का कार्यक्रम
यात्रा के दौरान बुधवार को बालाजी मंदिर परिसर में दिव्य दरबार आयोजित किए जाने का कार्यक्रम बताया गया है। यह आयोजन यात्रा के निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा है। हालांकि, आयोजन के समय और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
15 अक्टूबर तक चलेगी यात्रा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा 15 अक्टूबर 2026 तक बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों से गुजरेगी। यात्रा के माध्यम से सामाजिक एकता और जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर साथ आने का संदेश दिया जा रहा है।
दमोह से सागर की ओर बढ़ रही यह यात्रा फिलहाल अपने पांच दिवसीय कार्यक्रम के तीसरे दिन में है। इसके आगे के पड़ाव निर्धारित यात्रा कार्यक्रम के अनुसार होंगे।









