कोरिया, 14 अक्टूबर 2026। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने बुधवार को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुडार एवं सरभोका और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों की उपस्थिति, ओपीडी संचालन, मरीजों की देखभाल तथा साफ-सफाई की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान बुडार में अनुपस्थित मिली डॉक्टर सृष्टि शिवहरे को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए, जबकि सरभोका में देर से पहुंचने वाली आरएचओ लक्ष्मी कन्नौजे को समय पर ड्यूटी करने की हिदायत दी गई।
बुडार में डॉक्टर की अनुपस्थिति पर जताई नाराजगी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुडार के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या और उपलब्ध उपचार सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के समय चिकित्सक के मौजूद नहीं होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को केंद्र में डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अनुपस्थित डॉक्टर सृष्टि शिवहरे के संबंध में नोटिस जारी करने को भी कहा।
कलेक्टर ने स्वास्थ्यकर्मियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और मरीजों को समय पर जांच एवं उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व देखभाल की भी समीक्षा की। इस दौरान पंजीकरण अभिलेखों का अवलोकन कर नियमित स्वास्थ्य जांच तथा मां और शिशु की देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

सरभोका में समयपालन को लेकर कर्मचारियों को निर्देश
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरभोका में निरीक्षण के दौरान आरएचओ लक्ष्मी कन्नौजे के देर से पहुंचने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने कर्मचारियों को निर्धारित समय पर कार्यस्थल पहुंचने और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में समय की पाबंदी और मरीजों के प्रति जिम्मेदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) और खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) को नियमित निगरानी करने तथा लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
पटना अस्पताल में रात के समय भी उपलब्ध रहें डॉक्टर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में कलेक्टर ने शिकायत पेटी में प्राप्त शिकायतों का अवलोकन किया। ओपीडी काउंटर पर मरीजों की भीड़ को देखते हुए उन्होंने नियमित चिकित्सकीय उपस्थिति और समय पर उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने बीएमओ डॉ. श्रेष्ठ मिश्रा को निर्देश दिए कि अस्पताल में रात के समय भी डॉक्टरों और आवश्यक कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को उपचार के लिए परेशानी न उठानी पड़े। अस्पताल के सभी वार्डों और शौचालयों की नियमित सफाई कराने तथा परिसर की स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों और उनके परिजनों के साथ विनम्र व्यवहार करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मरीजों के प्रति संवेदनशीलता भी जरूरी है। समय पर जांच, उचित उपचार और अच्छा व्यवहार स्वास्थ्य केंद्रों के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत करने में मदद करते हैं।

संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर विशेष जोर
पटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मितानिनों के साथ आयोजित बैठक में कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, वजन की निगरानी और संतुलित आहार पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने मितानिनों से गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने और आवश्यक जांच कराने के लिए प्रेरित करने को कहा, ताकि प्रसव से पहले जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
रजिस्टर से लेकर अस्पताल परिसर तक व्यवस्था सुधारने के निर्देश
कलेक्टर ने सीएमएचओ डॉ. बलवंत सिंह को जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी रजिस्टर और पंजी व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित अभिलेख अद्यतन रहें और केंद्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था नियमित रूप से जांची जाए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना के उद्यान में घास-फूस और खरपतवार की सफाई नहीं होने पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने बीएमओ को अस्पताल परिसर और उद्यान की सफाई कराने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों के परिजनों को बैठने के लिए स्वच्छ स्थान मिल सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित निगरानी करने और सामने आने वाली कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, रात्रिकालीन सेवाओं, स्वच्छता और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। स्पष्ट संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदारी में कमी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।









