कोलकाता, 18 अक्टूबर 2026। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान चोरबागान सार्वजनिक पूजा पंडाल में मची भगदड़ ने गंभीर हादसे का रूप ले लिया। शनिवार, 17 अक्टूबर को हुई इस घटना में बाद की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 19 लोगों की जान चली गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की।
मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये की सहायता
प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं, घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
यह घोषणा हादसे से प्रभावित परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से की गई है। सहायता राशि के वितरण से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी के लिए संबंधित सरकारी निर्देशों का पालन करना होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख
कोलकाता में हुई इस त्रासदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावित लोगों को स्थानीय प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
दुर्गा पूजा पंडाल में कैसे बिगड़े हालात?
यह घटना उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई। दुर्गा पूजा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। शुरुआती रिपोर्टों में बारिश और भीड़ के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बनने का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, हादसे के पीछे की परिस्थितियों और भगदड़ शुरू होने के सटीक कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले प्रशासनिक जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
घायलों की मदद और प्रशासन की भूमिका
घटना के बाद घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और प्रभावित लोगों की मदद करने पर ध्यान दिया गया। प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुसार, केंद्र की ओर से मृतकों के परिजनों और घायलों को निर्धारित आर्थिक सहायता दी जाएगी। पश्चिम बंगाल सरकार ने भी प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
इस हादसे ने बड़े सार्वजनिक धार्मिक आयोजनों में भीड़ का सुरक्षित प्रबंधन करने और आपात परिस्थितियों में लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के महत्व को फिर सामने ला दिया है।









