देश के दक्षिणी हिस्सों में मौसम की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 18 अक्टूबर 2026 के पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका भी जताई गई है।
मौसम में इस बदलाव को देखते हुए लोगों को स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में 18 से 21 अक्टूबर के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद भी कुछ क्षेत्रों में 22 और 23 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है।
बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी है। हालांकि, मौसम का वास्तविक असर अलग-अलग जिलों में अलग हो सकता है। इसलिए किसी एक क्षेत्र के पूर्वानुमान को पूरे राज्य के लिए समान चेतावनी नहीं मानना चाहिए।
आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक में भी सतर्कता जरूरी
आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। तेलंगाना सहित दक्षिण भारत के अन्य क्षेत्रों में भी स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार मौसम बदल सकता है।
कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों और सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति का ध्यान रखना चाहिए।
आंधी और बिजली चमकने के दौरान क्या करें?
बारिश और गरज-चमक के दौरान सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना महत्वपूर्ण है।
- बिजली चमकने के समय खुले मैदान में खड़े होने से बचें।
- पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखें।
- तेज हवाओं के दौरान असुरक्षित होर्डिंग और निर्माणों के पास न रुकें।
- जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।
- यात्रा से पहले अपने क्षेत्र का ताजा मौसम पूर्वानुमान जांच लें।
मौसम विभाग के अपडेट पर रखें नजर
मौसम की चेतावनी समय और स्थान के अनुसार बदल सकती है। इसलिए बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए।
दक्षिण भारत के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की तीव्रता समान नहीं होगी। किसी क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी होने का अर्थ यह नहीं है कि आसपास के सभी जिलों में भी उतनी ही बारिश होगी।









