खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) आयुक्त तुकाराम मुंढे के कार्यकाल के शुरुआती 100 दिन राज्य में खाद्य सुरक्षा और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर चर्चा में हैं। रिपोर्टों के मुताबिक इस अवधि में FDA ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर जांच और कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, FDA की टीमों ने 904 छापेमारी की। इस दौरान 322 प्रतिष्ठानों को सील किया गया, जबकि 457 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 34.7 करोड़ रुपये मूल्य के नकली, मिलावटी, प्रतिबंधित या नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए खाद्य उत्पाद जब्त किए गए।
कार्रवाई का फोकस खाद्य मिलावट और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के साथ-साथ प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर भी रहा। अधिकारियों ने उत्पादन, भंडारण, परिवहन और बिक्री से जुड़ी गतिविधियों की जांच की।
FDA की कार्रवाई सिर्फ छोटे खाद्य प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रही। संस्थागत किचन और अन्य प्रतिष्ठानों में भी खाद्य सुरक्षा मानकों और लाइसेंस संबंधी नियमों की जांच की गई।
खाद्य सुरक्षा को लेकर बढ़ी निगरानी
तुकाराम मुंढे ने अपने 100 दिनों के दौरान खाद्य सुरक्षा को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा बताया है। उनका जोर केवल छापेमारी पर नहीं बल्कि खाद्य पदार्थों की जांच, नियामकीय व्यवस्था को मजबूत करने और लोगों के लिए सुरक्षित खाद्य उपलब्ध कराने पर भी रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार जून से अगस्त 2026 के बीच FDA ने खाद्य, दवा और कॉस्मेटिक श्रेणियों के 37,604 नमूने एकत्र किए। इनमें बड़ी संख्या में नमूनों की जांच की गई और निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले नमूने भी सामने आए।
FDA की बढ़ी हुई कार्रवाई के बीच विभाग का उद्देश्य खाद्य और दवा क्षेत्र में नियमों का पालन सुनिश्चित करना तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना बताया गया है।
तुकाराम मुंढे के पहले 100 दिनों के ये आंकड़े महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा और नियामकीय कार्रवाई को लेकर उनके सख्त रुख को दर्शाते हैं।









