उज्जैन के ‘खड़े हनुमान’ की प्रतिमा बनी पहेली, IIT इंदौर की टीम ने शुरू की वैज्ञानिक जांच

उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के बीच प्रसिद्ध ‘खड़े हनुमान’ की प्रतिमा को लेकर मामला लगातार चर्चा में है। प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करने की कोशिशों के बावजूद जब यह अपनी जगह से नहीं हिली, तो अब प्रशासन ने तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली है।

 

IIT इंदौर की विशेषज्ञ टीम ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर विशेष उपकरणों की सहायता से प्रतिमा की गहराई, उसके आधार और आसपास की जमीन की स्थिति का अध्ययन किया। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि प्रतिमा जमीन के भीतर किस संरचना से जुड़ी हुई है और उसे बिना नुकसान पहुंचाए स्थानांतरित करना संभव है या नहीं।

 

जानकारी के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण परियोजना के दायरे में आने के कारण मंदिर परिसर को हटाने की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद प्रतिमा को दूसरी जगह ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन क्रेन और अन्य भारी मशीनों से कोशिश के बावजूद प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली।

 

प्रतिमा को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भी भारी मशीनों से इसे हटाने का विरोध किया था। मंदिर के पुजारी की मांग पर तकनीकी विशेषज्ञों से प्रतिमा की वैज्ञानिक जांच कराने का फैसला लिया गया।

 

अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में मौजूद प्राचीन बड़ी प्रतिमाओं की स्थापना में इंटरलॉकिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किए जाने की संभावना रहती है। हालांकि, इस प्रतिमा के जमीन के नीचे वास्तविक आधार और संरचना को लेकर स्थिति IIT की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

उज्जैन नगर निगम के अनुसार, IIT इंदौर की रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि प्रतिमा को सुरक्षित रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सकता है या नहीं। फिलहाल प्रशासन ने प्रतिमा को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे, इसे प्राथमिकता दी है।

 

सड़क चौड़ीकरण और आस्था से जुड़े इस मामले में अब सभी की नजर IIT इंदौर की तकनीकी रिपोर्ट पर टिकी है।

The Rashtra Darpan
Author: The Rashtra Darpan

द राष्ट्र दर्पण

Leave a Comment