सोनहत में हाथियों का डेरा, मेंड्रा से लोलकी तक धान की फसल को नुकसान; दहशत में ग्रामीण

सोनहत क्षेत्र में जंगल के पास हाथियों की मौजूदगी और धान के खेत

कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र में हाथियों की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। गुरुघासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के बालमगढ़ी इलाके में पिछले करीब पखवाड़े भर से लगभग सात हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। इस दौरान झुंड से अलग हुए चार से पांच हाथियों की आवाजाही भी आसपास के जंगलों और गांवों की सीमा से लगे इलाकों में बनी हुई है। हाथियों के खेतों तक पहुंचने से

खेतों में पहुंचकर धान की पकी तैयार फसल कर रहे बर्बाद

जानकारी के अनुसार, हाथियों का दल दिन ढलने के बाद जंगल से निकलकर टाइगर रिजर्व से सटे मेंड्रा, जोगिया, कछाड़ी और लोलकी गांवों की ओर बढ़ता है। गांवों के आसपास स्थित खेतों में पहुंचकर हाथी धान की फसल खा रहे हैं और उसे पैरों से रौंदकर नुकसान पहुंचा रहे हैं।

मेंड्रा, लोलकी और कछाड़ी गांवों के कई किसानों की फसल प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। धान की फसल को लगातार हो रहे नुकसान से ग्रामीण परेशान हैं। किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि हाथियों की आवाजाही शाम के बाद फिर शुरू हो जाती है।

हाथियों की आवाजाही से रात में भी सतर्क रह रहे ग्रामीण

गांवों के आसपास हाथियों के पहुंचने के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों को शाम ढलने के बाद विशेष सतर्कता बरतनी पड़ रही है। हाथियों की मौजूदगी के चलते कई ग्रामीण रात में जागकर निगरानी करने को मजबूर हैं।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अब तक हाथियों के कारण ग्रामीणों के घरों को नुकसान पहुंचने या जनहानि की घटना सामने नहीं आई है। हालांकि, लगातार गांवों के नजदीक पहुंच रहे हाथियों और खेतों में हो रहे नुकसान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।

टाइगर रिजर्व का वन अमला कर रहा निगरानी

गुरुघासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व का कर्मचारी दल हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। वन अमले की ओर से हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने और वापस जंगल की ओर भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पार्क क्षेत्र के कर्मचारियों के अनुसार, झुंड में छोटे हाथियों के बच्चे होने के कारण हाथी इलाके से दूर नहीं जा रहे हैं। जब हाथियों के गांवों के करीब पहुंचने की जानकारी मिलती है, तब कर्मचारियों की ओर से उन्हें आबादी से दूर जंगल की तरफ ले जाने का प्रयास किया जाता है। हालांकि, शाम होने के बाद हाथी फिर गांवों की ओर रुख कर लेते हैं।

किसानों को फसल की चिंता, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

सोनहत क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही से एक ओर किसानों की धान की फसल प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना पड़ रहा है। वन अमले की निगरानी के बावजूद हाथियों का बार-बार गांवों के नजदीक पहुंचना स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।

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Author: The Rashtra Darpan

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