रायपुर, 28 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार, बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक 8 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 16 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
571 गांवों में 22,377 लोग प्रभावित
राज्य सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक, बाढ़ और अतिवृष्टि का असर 571 गांवों तक पहुंचा है। इन गांवों में कुल 22,377 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग स्थानों पर 173 राहत शिविर बनाए गए हैं।
प्रशासन की ओर से राहत शिविरों में रह रहे लोगों तक भोजन, पानी और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने का काम जारी है। प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
16 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया
बाढ़ के कारण कई स्थानों पर लोग फंस गए थे। राहत और बचाव दलों ने अभियान चलाकर बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों तक पहुंचाया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 16,074 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।
दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को सुकमा और बस्तर के प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत शिविरों में लोगों से मुलाकात की।
8 लोगों की मौत, 172 मवेशियों की भी गई जान
मुख्यमंत्री के मुताबिक, बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 8 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 172 मवेशियों के मारे जाने की जानकारी दी गई है।
प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की है।
199 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त
भारी बारिश और बाढ़ से मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती आकलन में 199 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त पाए गए हैं, जबकि करीब 11 हजार मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। नुकसान का सर्वे अभी जारी है।
सरकार ने पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को 1.20 लाख रुपये की सहायता देने की बात कही है। क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त 10 हजार रुपये की सहायता का भी उल्लेख किया गया है।
फसल नुकसान का भी होगा आकलन
बाढ़ का पानी कम होने के बाद कृषि विभाग प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करेगा। प्रशासन की ओर से फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया जा रहा है।
भारी बारिश के कारण राज्य की कई नदियों का जलस्तर बढ़ा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
राहत कार्यों पर प्रशासन की नजर
मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत शिविरों की स्थिति की जानकारी ली है। सरकार के मुताबिक, प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाने और नुकसान का आकलन जल्द पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
फिलहाल राज्य में राहत एवं बचाव अभियान जारी है और प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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