CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया, कुछ देर बाद किया रिहा

अभिजीत दीपके को मुंबई पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की तस्वीर

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को 1 अक्टूबर 2026 को मुंबई में पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीपके को मरीन ड्राइव इलाके में प्लेकार्ड लेकर देखे जाने के बाद मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया था। हालांकि, यह कार्रवाई गिरफ्तारी के तौर पर सामने नहीं आई और उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।

यह घटनाक्रम CJP के 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रस्तावित प्रदर्शन से एक दिन पहले हुआ है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। CJP की ओर से कहा गया है कि प्रदर्शन की शुरुआत मुंबई से होगी और इसके बाद आंदोलन को अन्य शहरों तक ले जाने की योजना है।

प्रदर्शन को लेकर क्या है विवाद?

CJP ने चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर भी अपनी आपत्तियां रखी हैं।

CJP की घोषित मांगों में 2025 की मतदाता सूची को फ्रीज करने, उसी आधार पर चुनाव कराने तथा भविष्य में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग शामिल है। इन मुद्दों पर संगठन ने देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन की योजना भी सामने रखी है।

मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी

CJP के 2 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को मुंबई पुलिस से अनुमति नहीं मिली है। पुलिस ने शिवाजी पार्क में सभा की अनुमति से जुड़े पुराने न्यायिक आदेशों और महाराष्ट्र सरकार के बाद के आदेशों का हवाला दिया है। इसके बाद CJP की ओर से कहा गया कि अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में वह ‘जेल भरो आंदोलन’ का रास्ता अपनाएगी।

1 अक्टूबर को दीपके ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की, जिसमें उन्होंने आगामी आंदोलन और संगठन की मांगों को लेकर अपनी बात रखी। भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, CJP ने आंदोलन को मुंबई के अलावा गोवा, बेंगलुरु और कोलकाता सहित अन्य स्थानों तक ले जाने की बात कही है।

हिरासत और गिरफ्तारी में अंतर

इस पूरे घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट है, लेकिन उपलब्ध ताजा रिपोर्ट्स में उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। उन्हें उसी दिन बाद में रिहा किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही “CJP संस्थापक गिरफ्तार” जैसी भाषा को बिना पुष्टि के इस्तेमाल करना उचित नहीं होगा।

अब सभी की नजर 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रस्तावित CJP प्रदर्शन पर है। प्रदर्शन को लेकर पुलिस व्यवस्था और संगठन की आगे की रणनीति पर भी ध्यान रहेगा।

मनेन्द्रगढ़ में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, SIR और मतदाता अधिकारों को लेकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव

The Rashtra Darpan
Author: The Rashtra Darpan

द राष्ट्र दर्पण

Leave a Comment