सिंगापुर में छत्तीसगढ़ ने कौशल विकास के लिए किया MoU, एग्रो-फूड प्रोसेसिंग में ₹350 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव

सिंगापुर में कौशल विकास MoU के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की 3 से 6 अक्टूबर तक की सिंगापुर यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ को कौशल विकास और निवेश के क्षेत्र में नए अवसर मिले। यात्रा के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ सरकार ने सिंगापुर की ITE Education Services के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा तथा प्रशिक्षण के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन (MoU) किया। इसी दौरान एग्रो और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में ₹350 करोड़ के निवेश प्रस्ताव की जानकारी भी सामने आई।

इन नए प्रस्तावों के साथ मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ को मिले विदेशी निवेश प्रस्तावों की कुल राशि ₹43,600 करोड़ तक पहुंच गई। यह राशि प्रस्तावित निवेशों की है, इसे प्रदेश में हो चुका वास्तविक निवेश नहीं माना जाना चाहिए।

उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण पर जोर

छत्तीसगढ़ सरकार और ITE Education Services के बीच हुए MoU का उद्देश्य तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिंगापुर स्थित ITE कॉलेज का भी दौरा किया और वहां अपनाए जा रहे उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण मॉडल की जानकारी ली।

सिंगापुर में ITE के साथ विभिन्न कंपनियां पाठ्यक्रम विकास, प्रशिक्षण और उपकरणों से संबंधित गतिविधियों में सहयोग करती हैं। छत्तीसगढ़ इस अनुभव से सीख लेकर अपने कौशल विकास तंत्र को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर बनाने की दिशा में काम करना चाहता है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान इस बात पर जोर दिया कि राज्य में नए उद्योगों के विस्तार के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन की जरूरत भी बढ़ेगी। ऐसे में युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।

Valency International ने दिया ₹350 करोड़ का निवेश प्रस्ताव

सिंगापुर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने Valency International Pte Ltd को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित किया। कंपनी की ओर से प्रदेश में लगभग ₹350 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब स्थापित करने का प्रस्ताव सामने आया है।

प्रस्तावित परियोजना में काजू, तिल, दलहन और मूंगफली जैसे कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग शामिल है। इससे कृषि आधारित प्रसंस्करण और निर्यात से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं हैं।

यहां स्पष्ट है कि ₹350 करोड़ निवेश का प्रस्ताव है। परियोजना को वास्तविक निवेश के रूप में तब तक नहीं माना जाना चाहिए, जब तक आगे की प्रक्रियाओं के बाद इसका क्रियान्वयन नहीं होता।

सिंगापुर के विदेश मंत्री से मुख्यमंत्री की मुलाकात

सिंगापुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वहां के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन से भी मुलाकात की। बैठक में छत्तीसगढ़ और सिंगापुर के बीच निवेश, कौशल विकास, शहरी नियोजन और तकनीक से जुड़े सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा

मुख्यमंत्री ने CEO Roundtable में 15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। इस दौरान टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, एग्रीबिजनेस, एक्वाकल्चर और फूड सेक्टर में निवेश एवं संभावित साझेदारी के विषयों पर चर्चा हुई।

बैठक में TCS, SMBC, Tolaram Group, Agrocorp, Indian Ocean Group और Blue Aqua जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों की भागीदारी का उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ की निवेश नीतियों, सुधारों और कारोबारी वातावरण की जानकारी दी।

AI और डिजिटल फाइनेंस में प्रशिक्षण पर भी चर्चा

मुख्यमंत्री ने Global Finance & Technology Network (GFTN) के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की। बातचीत में छत्तीसगढ़ के युवाओं को Artificial Intelligence (AI) और Digital Finance जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने की संभावनाओं पर विचार किया गया।

इसके अलावा प्रदेश के स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने और उभरती तकनीकों के लिए टेक्नोलॉजी लैब विकसित करने जैसे विषय भी चर्चा में रहे।

₹43,600 करोड़ के निवेश प्रस्तावों के साथ संपन्न हुआ दौरा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सिंगापुर दौरा निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ कौशल विकास और तकनीकी सहयोग के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा। ITE Education Services के साथ MoU से कौशल प्रशिक्षण को उद्योग की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में सहयोग का रास्ता खुला है, जबकि Valency International का ₹350 करोड़ का प्रस्ताव एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र से जुड़ा है।

सिंगापुर यात्रा के दौरान सामने आए विभिन्न प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के लिए आगामी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण रहेंगी। फिलहाल ₹43,600 करोड़ की राशि को विदेशी निवेश प्रस्तावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

The Rashtra Darpan
Author: The Rashtra Darpan

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