JioFiber रिफंड विवाद में उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला, कंपनी को ₹14,000 देने का आदेश

JioFiber रिफंड विवाद में ₹14,000 देने का आदेश, उपभोक्ता आयोग का फैसला

नई दिल्ली: JioFiber के पुराने 30-दिन के फ्री ट्रायल ऑफर से जुड़े एक मामले में केरल के तिरुवनंतपुरम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया है। आयोग ने उपभोक्ता को पूरी रिफंड राशि नहीं मिलने के मामले में ₹14,000 की आर्थिक राहत देने का आदेश दिया है।

मामला नवंबर 2020 में लिए गए JioFiber कनेक्शन से संबंधित है। शिकायतकर्ता ने 30 दिन के ट्रायल ऑफर के तहत कनेक्शन लिया था और इसके लिए ₹1,500 की वापसी योग्य राशि जमा की थी। कनेक्शन 11 नवंबर 2020 को लगाया गया था।

रिकॉर्ड के अनुसार, 26 नवंबर को इंटरनेट सेवा में समस्या आई और ग्राहक ने इसकी शिकायत दर्ज कराई। बाद में सेवा से असंतुष्ट होकर ग्राहक ने कनेक्शन बंद कराने तथा जमा राशि वापस करने का अनुरोध किया। कंपनी की ओर से उपकरण वापस लिए जाने के बाद रिफंड की प्रक्रिया पूरी होने की बात कही गई थी।

हालांकि, ग्राहक को ₹1,500 के बजाय केवल ₹500 वापस मिले। इसके बाद शेष राशि की वापसी के लिए उपभोक्ता आयोग में शिकायत की गई।

मामले में कंपनी की ओर से यह दलील दी गई कि ग्राहक ने 30 दिन की ट्रायल अवधि समाप्त होने के बाद कनेक्शन बंद कराया था। इसी आधार पर कंपनी ने पूरी जमा राशि लौटाने की पात्रता से इनकार किया।

आयोग ने मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों और प्रचार सामग्री का परीक्षण किया। आयोग ने पाया कि कंपनी यह साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण पेश नहीं कर सकी कि उपभोक्ता ने 30 दिन की अवधि पूरी होने के बाद सेवा बंद कराई थी। आयोग ने यह भी माना कि उपलब्ध प्रचार सामग्री के अनुसार ग्राहक पूरी जमा राशि वापस पाने का पात्र था।

फैसले में कंपनी को बची हुई ₹1,000 की राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा उपभोक्ता को हुई मानसिक परेशानी के लिए ₹10,000 और मुकदमेबाजी के खर्च के रूप में ₹3,000 देने का आदेश दिया गया।

इस तरह आदेश के तहत कुल आर्थिक राहत ₹14,000 बनती है।

JioFiber रिफंड विवाद में उपभोक्ता आयोग का फैसला
JioFiber Consumer Commission Refund Case

क्या यह खराब नेटवर्क पर ₹14,000 का जुर्माना है?

नहीं। इस मामले को केवल “खराब नेटवर्क के लिए Jio पर ₹14,000 का जुर्माना” बताना सही नहीं होगा। आयोग का फैसला मुख्य रूप से 30-दिन के ट्रायल ऑफर के तहत किए गए रिफंड के दावे और पूरी राशि वापस नहीं किए जाने से जुड़े विवाद पर है।

मामले में सेवा में समस्या आने की शिकायत भी सामने आई थी, लेकिन ₹14,000 की राशि का आधार केवल नेटवर्क खराब होने का जुर्माना नहीं है। इसमें शेष रिफंड, मानसिक परेशानी के मुआवजे और मुकदमेबाजी खर्च की रकम शामिल है।

उपभोक्ताओं के लिए क्या है संदेश?

यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि कंपनियों की ओर से किसी सेवा या प्रचारात्मक ऑफर के तहत किए गए स्पष्ट वादों को लेकर उपभोक्ता अपने अधिकारों के लिए उपभोक्ता आयोग का रुख कर सकते हैं। हालांकि, प्रत्येक मामले का फैसला उसके अपने तथ्यों, दस्तावेजों और संबंधित शर्तों के आधार पर होता है।

महत्वपूर्ण: JioFiber का वह 30-दिन वाला ट्रायल ऑफर अब उपलब्ध नहीं है। Jio की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार यह ऑफर 1 जून 2023 से बंद किया जा चुका है।

The Rashtra Darpan
Author: The Rashtra Darpan

द राष्ट्र दर्पण

Leave a Comment