नई दिल्ली। भारतीय रेलवे में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए त्योहारी सीजन में राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे कर्मचारियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए 78 दिनों के वेतन के बराबर उत्पादकता आधारित बोनस (Productivity Linked Bonus – PLB) देने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से पात्र गैर-राजपत्रित रेलवे कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
14 अक्टूबर 2026 को सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस बोनस योजना के तहत लगभग 11.41 लाख रेलवे कर्मचारियों को शामिल किया गया है। सरकार की ओर से इस भुगतान के लिए कुल 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पात्र कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपये तक बोनस मिल सकता है।
78 दिन के बोनस से कितने कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
केंद्र सरकार के इस फैसले का लाभ रेलवे के विभिन्न विभागों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को मिलेगा। इसमें ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर यानी गार्ड, स्टेशन मास्टर, तकनीशियन, तकनीकी सहायक, पॉइंट्समैन, सुपरवाइजर और मंत्रालय से जुड़े कर्मचारी सहित ग्रुप सी के अन्य पात्र कर्मचारी शामिल हैं।
यह भुगतान सभी रेलवे कर्मचारियों के लिए समान रूप से लागू नहीं माना जाना चाहिए। बोनस योजना के अंतर्गत पात्रता और निर्धारित नियमों के आधार पर ही संबंधित कर्मचारी को राशि मिलेगी। अधिकतम भुगतान की सीमा 17,951 रुपये तय की गई है।
सरकार ने बोनस के लिए कितनी राशि मंजूर की?
रेलवे कर्मचारियों को दिए जाने वाले उत्पादकता आधारित बोनस के लिए कुल 2,009.61 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। यह राशि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेलवे के कामकाज और प्रदर्शन को ध्यान में रखकर स्वीकृत की गई है।
उत्पादकता आधारित बोनस का उद्देश्य कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देना और रेलवे के संचालन में बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना है। यह नियमित वार्षिक व्यवस्था का हिस्सा है, जिसके तहत पात्र कर्मचारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार भुगतान किया जाता है।
रेलवे के प्रदर्शन को भी फैसले का आधार बनाया गया
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई और यात्री परिवहन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन दर्ज किया। उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार, इस अवधि में रेलवे ने लगभग 1,670 मिलियन टन माल का परिवहन किया। वहीं, यात्रियों की संख्या करीब 7.41 अरब रही।
रेलवे का व्यापक संचालन देश में यात्रियों की आवाजाही और माल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण है। इस व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में ट्रैक रखरखाव, ट्रेन संचालन, स्टेशन प्रबंधन और तकनीकी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की अहम भूमिका रहती है।
सरकार ने कर्मचारियों के योगदान को ध्यान में रखते हुए उत्पादकता आधारित बोनस को मंजूरी दी है। इस तरह का प्रोत्साहन रेलवे के संचालन और कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से दिया जाता है।
दिवाली से पहले बोनस की खबर से कर्मचारियों को राहत
त्योहारों के दौरान अतिरिक्त राशि मिलने से पात्र कर्मचारियों को अपने घरेलू खर्चों की योजना बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, प्रत्येक कर्मचारी को मिलने वाली वास्तविक राशि उसकी पात्रता और लागू नियमों के अनुसार निर्धारित होगी।
रेलवे कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बोनस से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए रेलवे प्रशासन या संबंधित आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें। भुगतान की तारीख और व्यक्तिगत पात्रता से संबंधित जानकारी की पुष्टि आधिकारिक माध्यम से करना उचित रहेगा।
निष्कर्ष: केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रेलवे के लगभग 11.41 लाख पात्र गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर उत्पादकता आधारित बोनस दिया जाएगा। इसके लिए कुल 2,009.61 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और प्रति पात्र कर्मचारी अधिकतम बोनस राशि 17,951 रुपये होगी।









