नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के पीतमपुरा में इस वर्ष रामलीला के दौरान एक अलग तरह का पुतला आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। श्री केशव रामलीला कमेटी ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का भी दहन करने का निर्णय लिया है। आयोजकों के अनुसार, इस पहल के जरिए लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।
स्वच्छता के संदेश से जुड़ी पहल
रामलीला का आयोजन करने वाली समिति का कहना है कि कॉकरोच को गंदगी और अस्वच्छ वातावरण के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। पुतला दहन के माध्यम से लोगों को अपने घरों, आसपास के इलाकों और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के प्रति प्रेरित करने की योजना है।
समिति के अध्यक्ष एवं भाजपा विधायक अशोक गोयल ने इस फैसले के पीछे किसी राजनीतिक उद्देश्य से इनकार किया है। उनका कहना है कि इस पहल का मकसद स्वच्छता का संदेश देना और बुराई पर अच्छाई की जीत के विचार को सामने रखना है।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच चर्चा में आया फैसला
कॉकरोच के पुतले को शामिल करने का निर्णय ऐसे समय में सामने आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) दिल्ली में अपने विरोध प्रदर्शनों को लेकर चर्चा में है। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। यह मांग मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उठाई गई है।
इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। हालांकि, चुनाव आयोग ने चुनावी सूचियों के संशोधन में पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है।
कनॉट प्लेस में तिरंगा जुटान की अपील, सुरक्षा व्यवस्था पर नजर
इसी घटनाक्रम के बीच CJP की ओर से 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज के साथ जुटने की अपील की गई थी। इस कार्यक्रम को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। प्रशासनिक कारणों से सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रखने की सूचना भी सामने आई।
इस तरह पीतमपुरा की रामलीला में प्रस्तावित कॉकरोच के पुतले का दहन और राजधानी में जारी राजनीतिक गतिविधियां एक ही समय में चर्चा का विषय बन गई हैं। हालांकि, समिति ने अपने निर्णय को स्वच्छता जागरूकता से जुड़ी पहल बताया है।









