बिलासपुर की सड़क परियोजनाओं पर अदालत ने मांगा हिसाब, 14 अक्टूबर को निगम आयुक्त देंगे जवाब

बिलासपुर में सड़क सुधार और खराब सड़क की स्थिति

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सड़क सुधार से जुड़े कार्यों की प्रगति को लेकर हाईकोर्ट ने प्रशासन से जवाब मांगा है। वर्ष 2021 से लंबित जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने सड़कों की स्थिति पर चिंता जताई। साथ ही, बिलासपुर नगर निगम के आयुक्त को अगली सुनवाई में उपस्थित रहने या निगम की ओर से उपयुक्त प्रतिनिधि भेजने का निर्देश दिया गया है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र और न्यायमूर्ति संतोष शर्मा की खंडपीठ ने 7 अक्टूबर को मामले की सुनवाई की। अब इस प्रकरण पर 14 अक्टूबर 2026 को फिर सुनवाई होनी है। नगर निगम आयुक्त को तब तक अपने क्षेत्र की सड़कों के सुधार के लिए उठाए गए कदमों का विवरण शपथपत्र के माध्यम से प्रस्तुत करना होगा।

सड़क सुधार की प्रगति पर अदालत ने जताई चिंता

सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत शपथपत्रों में सड़कों की स्थिति से संबंधित जानकारियां रखी गईं। लंबे समय से मामला लंबित रहने के बावजूद सुधार की स्थिति को लेकर अदालत ने असंतोष व्यक्त किया।

न्यायालय की सहायता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव ने भी नगर निगम क्षेत्र की सड़कों की खराब हालत का मुद्दा उठाया। उन्होंने सड़क मरम्मत में तेजी लाने की आवश्यकता बताई और आगामी त्योहारों के दौरान खराब सड़कों के कारण दुर्घटनाओं तथा लोगों के घायल होने की आशंका जताई।

निगम आयुक्त को बतानी होगी मरम्मत की कार्ययोजना

सुनवाई के दौरान बिलासपुर नगर निगम की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं था। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए आयुक्त की उपस्थिति या निगम की तरफ से उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने को कहा। निर्देश का पालन नहीं होने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

नगर निगम को अपने अधिकार क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत के लिए किए जा रहे प्रयासों का विवरण देना है। इसमें लंबित कार्यों की स्थिति और सुधार के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

पांच सड़क परियोजनाओं के काम में देरी

बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में डामरीकरण से जुड़ी पांच सड़क परियोजनाओं का काम भी चर्चा में है। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, इन सड़कों की कुल लंबाई लगभग 12 किलोमीटर और अनुमानित लागत करीब 50 करोड़ रुपये बताई गई है।

इन परियोजनाओं में अशोक नगर मार्ग, साइंस कॉलेज से सब्जी मंडी तक का मार्ग, अपोलो मार्ग, स्मृति वन से शनि मंदिर मार्ग और अरपा अटल पथ शामिल हैं। रिपोर्टों में डामर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद काम आगे बढ़ाने में आ रही परेशानी का उल्लेख किया गया है। परियोजनाओं की मौजूदा प्रगति और संशोधित लागत की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग से की जानी चाहिए।

मोपका-सेंदरी मार्ग की जिम्मेदारी पर भी सवाल

सुनवाई के दौरान मोपका-सेंदरी मार्ग का मामला भी सामने आया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से प्रस्तुत शपथपत्र के मुताबिक, यह मार्ग अब तक प्राधिकरण को हस्तांतरित नहीं किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सड़क फिलहाल लोक निर्माण विभाग के बिलासपुर संभाग के नियंत्रण में है और रखरखाव की जिम्मेदारी भी उसी के पास है।

इस स्थिति को देखते हुए अदालत ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी मांगी है। रायपुर और बिलासपुर के परियोजना अधिकारियों को भी इस विषय पर शपथपत्र प्रस्तुत करना है। इससे सड़क के हस्तांतरण और उससे संबंधित जिम्मेदारियों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

बिलासपुर-रायपुर मार्ग की समय-सीमा भी अहम

बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित परियोजना की प्रगति पर भी अदालत ने जानकारी मांगी है। संबंधित अधिकारियों को परियोजना पूरी होने की संभावित समय-सीमा स्पष्ट करनी होगी। इससे सड़क निर्माण और उससे जुड़े लंबित कार्यों की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।

शहर की आंतरिक सड़कों, राज्य के लोक निर्माण विभाग के अधीन मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्ग की परियोजनाओं की जिम्मेदारियां अलग-अलग एजेंसियों के पास हो सकती हैं। इसलिए प्रत्येक कार्य की प्रगति और जवाबदेही को स्पष्ट करना आवश्यक है।

14 अक्टूबर की सुनवाई पर रहेगी नजर

अब इस मामले में अगली सुनवाई 14 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। नगर निगम आयुक्त को अपने क्षेत्र में सड़क सुधार के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी शपथपत्र के जरिए देनी होगी। वहीं, संबंधित परियोजना अधिकारियों से भी आवश्यक विवरण मांगा गया है।

अगली सुनवाई में पेश होने वाली जानकारी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि लंबित सड़क कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और सुधार की दिशा में कितनी प्रगति हुई है। फिलहाल शहरवासियों की नजर इस बात पर है कि सड़क मरम्मत के काम कितनी तेजी से आगे बढ़ते हैं और संबंधित एजेंसियां समस्याओं के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाती हैं।

The Rashtra Darpan
Author: The Rashtra Darpan

द राष्ट्र दर्पण

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