न्युज नेटवर्क THE राष्ट्र दर्पण नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अवैध और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बिना अनुमति बनाई गई पांचवीं मंजिल वाली इमारतों को तत्काल सील करने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में हुई दर्दनाक इमारत दुर्घटना के बाद लिया गया है।
सरकार के निर्देश के मुताबिक, दिल्ली में ऐसी इमारतों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी, जहां निर्धारित नियमों के विपरीत अतिरिक्त मंजिल का निर्माण किया गया है। संबंधित अधिकारियों को मौके पर निरीक्षण कर अनधिकृत निर्माण के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
सत्य निकेतन हादसे के बाद सरकार का बड़ा एक्शन
सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली में भवनों की सुरक्षा और अवैध निर्माण को लेकर सवाल उठे हैं। हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके बाद प्रशासन ने अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। आसपास मौजूद PG और अन्य इमारतों की भी जांच कराई जा रही है, ताकि किसी संभावित खतरे की पहचान समय रहते की जा सके।
MCD के अधिकारियों पर भी कार्रवाई
सत्य निकेतन हादसे के मामले में दिल्ली नगर निगम ने भी कार्रवाई की है। दक्षिण क्षेत्र से जुड़े पांच MCD अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इनमें डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं।
प्रशासन का कहना है कि जांच में यदि किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अवैध निर्माण पर बढ़ेगी निगरानी
दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद राजधानी में अनधिकृत अतिरिक्त मंजिलों और नियमों के विपरीत किए गए निर्माण पर निगरानी बढ़ने की संभावना है। प्रशासन का उद्देश्य ऐसे निर्माणों की पहचान करना है जो भवन की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
फिलहाल संबंधित एजेंसियां इमारतों का निरीक्षण कर रही हैं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सीलिंग समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह खबर उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के आधार पर स्वतंत्र रूप से नए शब्दों में तैयार की गई है।









