कोरिया में 118 ग्राम पंचायतों का सम्मान, टीबी मुक्त भारत अभियान में युवा जोश टीम को मिली जागरूकता की जिम्मेदारी

कोरिया में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 118 ग्राम पंचायतों का सम्मान समारोह

कोरिया, 8 अक्टूबर। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कोरिया जिले में टीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बैकुंठपुर स्थित जिला पंचायत ऑडिटोरियम में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में टीबी मुक्त पंचायत अभियान में बेहतर कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों, सरपंचों, निक्षय मित्रों तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही युवा जोश टीम का उन्मुखीकरण भी किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े ने कहा कि कोरिया जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों से अपील की कि टीबी के संभावित लक्षण वाले लोगों की पहचान होने पर उनकी समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित कराने में सहयोग करें।

कोरिया में टीबी मुक्त भारत अभियान के सम्मान समारोह का दृश्य
कोरिया टीबी मुक्त भारत अभियान सम्मान समारोह

118 ग्राम पंचायतों को किया गया सम्मानित

जिले में संचालित टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत 118 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के रूप में सम्मानित किया गया। 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को ब्रॉन्ज, सिल्वर और गोल्ड श्रेणी में सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर संबंधित पंचायतों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र दिए गए।

टीबी मरीजों को पोषण टोकरी और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करने वाले जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, संस्थानों, एसईसीएल प्रबंधन तथा बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक को निक्षय मित्र के रूप में सम्मानित किया गया।

वहीं, घर-घर जाकर टीबी मरीजों की खोज और जांच अभियान में बेहतर कार्य करने वाले सीएचओ, एएनएम, एमपीडब्ल्यू, एसटीएलएस और एसटीएस को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

टीबी मुक्त भारत की दिलाई गई शपथ

कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेन्द्र श्रीवास ने उपस्थित लोगों को टीबी मुक्त भारत की शपथ दिलाई। इस दौरान सभी ने “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” का संकल्प लिया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बलवंत सिंह ने कहा कि टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं है। उन्होंने बताया कि टीबी की जांच और उपचार निःशुल्क उपलब्ध है तथा मरीजों को पोषण सहायता भी प्रदान की जाती है। उन्होंने टीबी उन्मूलन के लिए जिले में सामूहिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।

गांव-गांव टीबी जागरूकता फैलाएगी युवा जोश टीम

कार्यक्रम में एनएसएस और माय भारत वॉलंटियर्स से जुड़े युवाओं को टीबी के प्रमुख लक्षणों की जानकारी दी गई। युवाओं से गांव-गांव जाकर लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करने और संभावित लक्षण वाले व्यक्तियों को जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।

उन्हें बताया गया कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, शाम के समय बुखार, वजन कम होना और बलगम में खून आना टीबी से जुड़े प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए लोगों को प्रेरित करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य गीता राजवाड़े, स्वास्थ्य विभाग सभापति सुषमा कोर्राम, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. आयुष जायसवाल, एनसीसी कैडेट जिला अधिकारी संजीव जायसवाल सहित जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

टीबी मुक्त पंचायत अभियान में सम्मानित ग्राम पंचायत प्रतिनिधि
कोरिया में टीबी मुक्त पंचायतों का सम्मानबैकुंठपुर जिला पंचायत ऑडिटोरियम में आयोजित टीबी मुक्त भारत अभियान के सम्मान समारोह का दृश्य, जहां टीबी मुक्त पंचायतों और अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया।
The Rashtra Darpan
Author: The Rashtra Darpan

द राष्ट्र दर्पण

Leave a Comment